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सुकून की तलाश में एक सच्चा आशिक़!

 




दिल-ए-मोहब्बत सिर्फ एक से किया

सिर्फ एक को ही ये दिल अपनाना चाहे

चलते चलते थक गया है ये मुसाफिर

ये भी किसी के बाहों का ठिकाना चाहे।

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