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एक तरफा मोहब्बत!

जज्बातो को दिल में अपने दबायें रखते है
तुमसे मोहब्बत है कितनी, हम छुपाये रखते है
गलत न ठहर जाऊ तुम्हारी नजरों में
इसीलिए तिरछी नजरें तुम पर गिरायें रहते है।

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दोस्तो आप सबका बहुत बहुत स्वागत है.. मैं यहाँ हर रोज आप लोगों को कुछ नई-नई मुक्तक (शायरी) सुनाता रहूंगा.. अच्छा लगे तो लाइक कमेंट जरूर करे। बस यू ही अपने नगमे गाता रहता हूं कलेजे का दर्द कलम से मिटाता रहता हूं जख्मों के लिए तू कुसूरवार न ठहराई जाए आसुंओं से, तेरे उंगलियों के निशान मिटाता रहता हूं

अल्फ़ाज

  मैं लेखक नही, बतौर इंसान कहता हूँ। अपने कलेजे का अल्फ़ाज कहता हूँ।।